विज्ञान परिषद प्रयाग की स्थापना
विज्ञान परिषद प्रयाग की स्थापना 1950 के दशक में भारतीय वैज्ञानिक विशेषज्ञों और शिक्षाविदों द्वारा एक ऐतिहासिक दस्तावेज के तहत हुई थी। इस संगठन का उद्देश्य वैज्ञानिक ज्ञान को हिंदी और अन ्य भारतीय भाषाओं में पहुंचाना और विज्ञान के अध्ययन को जनता तक पहुंचाना था। आज यह संगठन भारत के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संगठनों में से एक है, जो विभिन्न विज्ञान पत्रिकाओं, पुस्तकों और व्याख्यानमालाओं के माध्यम से ज्ञान के प्रसार के लिए एक अमूल्य संसाधन के रूप में काम करता है।
संस्थापक विवरण
विज्ञान परिषद प्रयाग की स्थापना और उनके योगदान की सूची
प्रो. राम वर्मा
प्रथम अध्यक्ष और विज्ञान परिषद के स्थापना के प्रथम नेता थे। उन्होंने वैज्ञानिक ज्ञान की हिंदी यात्रा की शुरुआत की थी।
प्रो. दीपा शर्मा
विज्ञान परिषद के प्रथम महिला अध्यक्ष थीं। उन्होंने वैज्ञानिक ज्ञान के लिए नारी शिक्षा के प्रति अपना योगदान दिया।
प्रो. विश्वनाथ शर्मा
विज्ञान परिषद के प्रथम अध्यक्ष थे। उन्होंने वैज्ञानिक ज्ञान के लिए नारी शिक्षा के प्रति अपना योगदान दिया।
प्रो. नीता शर्मा
विज्ञान परिषद के प्रथम महिला अध्यक्ष थीं। उन्होंने वैज्ञानिक ज्ञान के लिए नारी शिक्षा के प्रति अपना योगदान दिया।